खरीफ फसलों में खादों के संतुलित उपयोग के बारे में दी गई जानकारी
रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया
✍🏻 सत्यम, रिपोर्टर, पीटीएन
- 📰:-जालंधर, 2 जून: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जालंधर द्वारा पी.ए.यू -कृषि विज्ञान केंद्र, जालंधर और नेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट, जालंधर के सहयोग से ‘खेत बचाओ’ मुहिम के अंतर्गत गांव अरजनवाल, ब्लॉक आदमपुर में ब्लॉक स्तरीय किसान जागरूकता शिविर लगाया गया। इस कैम्प में लगभग 150 किसानों ने भाग लिया।
- सहायक प्रोफेसर एग्रोनॉमी, के.वी.के. जालंधर डा. प्रभजीत कौर ने खरीफ फसलों में खादों के संतुलित उपयोग और मिट्टी परीक्षण आधारित खादों की सिफारिश के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
- उन्होंने किसानों को मिट्टी की सेहत संभालने और लागत घटाने के लिए प्रेरित किया।
- डा. हरविंदर सिंह ने धान में SRBSDV और फॉल्स स्मट बीमारी की पहचान, रोकथाम एवं प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। सहायक निदेशक, एन.सी.आई.पी.एम. डॉ. पी.सी. भारद्वाज ने आई.पी.एम. रणनीतियों के महत्व पर जोर दिया और रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक तरीके अपनाने की सलाह दी।
- जिला प्रशिक्षण अधिकारी डा. सुखचैन सिंह ने किसानों के साथ खरीफ फसलों की नई सिफारिश की गई तकनीकों को साझा किया। एग्रीकल्चर मार्केटिंग अधिकारी डा. गुरप्रीत सिंह ने वैल्यू एडिशन और एग्रो-प्रोसेसिंग के माध्यम से आय बढ़ाने के तरीके बताए। खेतीबाड़ी विकास अधिकारी डा. मनदीप सिंह ने कीटनाशकों का बोझ घटाने के लिए टिकाऊ खेती तकनीकों को अपनाने की अपील की।
- विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन, आई.पी.एम. और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में किसानों के सवालों के जवाब दिए गए।

Author: punjabtimesnow
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