✍🏻 सत्यम, रिपोर्टर, पीटीएन
- 📰:-भारत के दिग्गज निशानेबाज और वरिष्ठ खेल प्रशासक राजा रणधीर सिंह का 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे रणधीर सिंह ने अपने करियर में भारतीय खेल जगत को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के चचेरे भाई भी थे। उनके निधन पर खेल जगत में शोक की लहर है।
*एशियाई खेलों में रचा था इतिहास*
- राजा रणधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया था। वह एशियाई खेलों में शूटिंग का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने थे। इसके अलावा उन्होंने 1982 दिल्ली एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य और टीम स्पर्धा में रजत पदक भी जीता था।
*पांच बार ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व*
- उन्होंने 1968 से 1984 तक लगातार पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मेक्सिको, म्यूनिख, मॉन्ट्रियल, मॉस्को और लॉस एंजिल्स ओलंपिक शामिल रहे। वह 1964 टोक्यो ओलंपिक में रिजर्व शूटर भी रहे थे।
*अर्जुन अवार्ड से हुए सम्मानित*
- भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को देखते हुए सरकार ने उन्हें 1979 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।
*खेल प्रशासन में भी निभाई बड़ी भूमिका*
राजा रणधीर सिंह केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि भारतीय और एशियाई खेल प्रशासन की बड़ी हस्ती भी रहे।
- 1987 से 2014 तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के महासचिव रहे।
- 2001 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य रहे।
- 1991 से 2015 तक एशियाई ओलंपिक परिषद (OCA) के महासचिव पद पर रहे।
सितंबर 2024 में वह OCA के अध्यक्ष चुने गए थे और इस पद तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे। हालांकि स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने बाद में इस्तीफा दे दिया था।
*खेल जगत ने जताया शोक*
- कैप्टन अमरिंदर सिंह, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा समेत कई खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। खेल जगत ने उन्हें भारतीय शूटिंग और ओलंपिक आंदोलन का मजबूत स्तंभ बताया।
Author: punjabtimesnow
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