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किसानों की मांगों को लेकर 29 अगस्त को फरीदकोट में बड़ा जुटान, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप 📢

Faridkot Kisan Dharna में 29 अगस्त को किसानों का बड़ा जुटान, खाली चेक वापस करने और OTS Scheme लागू करने की मांग

✍🏻 सत्यम सफरी, रिपोर्टर, पीटीएन 

जालंधर। पीटीएन न्यूज 

📰:-फरीदकोट/जालंधर: भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने पंजाब सरकार पर किसानों की मांगों को लेकर गंभीरता न दिखाने और बैठकों में मानी गई मांगों को लागू न करने का आरोप लगाया है। संगठन ने ऐलान किया है कि 29 अगस्त को फरीदकोट में बड़ा किसान एकत्रीकरण किया जाएगा। इसमें लैंड मॉर्गेज बैंक से जुड़े मामलों, किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने और One Time Settlement (OTS) Scheme लागू करवाने को लेकर आगामी संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के जिला जालंधर अध्यक्ष कुलविंदर सिंह माशियाणा और नवांशहर के जिला अध्यक्ष बलकार सिंह ढींडसा ने जारी बयान में कहा कि किसानों की जमीनों और बैंक कर्ज से जुड़े मामलों को लेकर सरकार का रवैया चिंताजनक है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की ओर से पहले बैठकों में मांगों को स्वीकार किया गया, लेकिन बाद में उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

किसान नेताओं के मुताबिक, जब किसान बैंक से फसली कर्ज के लिए लिमिट बनवाता है तो कर्ज के बदले उसकी जमीन बैंक के पास गिरवी रखी जाती है और राजस्व रिकॉर्ड में भी इसका उल्लेख किया जाता है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद किसानों से खाली चेक लिए गए, जिनके कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। संगठन की मांग है कि किसानों से लिए गए ऐसे खाली चेक वापस किए जाएं और निजी बैंकों की तर्ज पर OTS Scheme लागू की जाए।

दो युवा किसानों की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन

किसान नेताओं ने बताया कि 24 मार्च को युवा किसान जसकरण सिंह और जसविंदर सिंह की आत्महत्या के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद 30 मार्च को फरीदकोट लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर धरना लगाया गया। संगठन के अनुसार, 11 मई से अन्य जिलों में भी लैंड मॉर्गेज बैंक से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर पक्के धरने शुरू किए गए।

किसान नेताओं का कहना है कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकों में बैंक की कार्यप्रणाली और किसानों से लिए गए चेक को लेकर कथित अनियमितताओं को स्वीकार किया गया, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

5 अगस्त को स्पीकर के घर का घेराव

किसान संगठनों के अनुसार, मांगों पर कार्रवाई न होने के विरोध में 5 अगस्त को पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास का घेराव किया गया। इसके बाद 8 अगस्त को फरीदकोट में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की मौजूदगी में बैठक हुई।

किसान नेताओं के अनुसार, बैठक में किसानों से खाली चेक लिए जाने को गलत माना गया। साथ ही आत्महत्या करने वाले दोनों किसानों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा, उनके बच्चों की मुफ्त शिक्षा और उनकी पत्नियों को योग्यता के आधार पर नौकरी देने की मांग पर सहमति बनने का दावा किया गया।

संगठन ने यह भी बताया कि 8 अगस्त को कथित तौर पर जिम्मेदार एक बैंक मैनेजर और एक बिचौलिए के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके बाद किसानों से लिए गए चेक वापस करवाने और One Time Settlement Scheme लागू करवाने को लेकर सरकार से बातचीत करने की बात कही गई थी।

14 अगस्त की बैठक के बाद गिरफ्तारी का आरोप

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 14 अगस्त को बैठक के लिए बुलाने के बाद किसानों की गिरफ्तारियां कर दीं। संगठन ने इसे किसानों के साथ किए गए वादों के विपरीत बताते हुए नाराजगी जताई है।

भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने कहा कि यदि सरकार किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो 29 अगस्त को फरीदकोट में चल रहे मोर्चे के स्थान पर बड़ा किसान एकत्रीकरण किया जाएगा। संगठन के मुताबिक, इसी कार्यक्रम से सरकार के खिलाफ बड़े संघर्ष की तैयारी शुरू की जाएगी।

इस मौके पर जिला जालंधर सचिव गुरविंदर सिंह बजूआ, गुराया ब्लॉक अध्यक्ष सुखबीर सिंह सुखी, नवांशहर जिले के पदाधिकारी और कपूरथला जिले के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Satyamm safri
Author: Satyamm safri

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