Gurinder Pal Singh Aujla Police Remand मामले में पुलिस ने 5 दिन की मांग की थी, कोर्ट ने 3 दिन का रिमांड मंजूर किया; बचाव पक्ष ने कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष बताया।
✍🏻 सत्यम सफरी, रिपोर्टर, पीटीएन
जालंधर। पीटीएन न्यूज
- 📰:-पंजाब के चर्चित अजनाला थाना हमला मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गोइंडवाल जेल में बंद गुरिंदर पाल सिंह औजला को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जालंधर की अदालत में पेश किया गया। जालंधर देहात पुलिस ने वर्ष 2023 में दर्ज एफआईआर नंबर 25 में आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ने के बाद उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश किया।
- पुलिस ने अदालत से आरोपी का 5 दिन का रिमांड मांगा था ताकि नए जोड़े गए आर्म्स एक्ट मामले में पूछताछ की जा सके। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय जज अर्जुन संधू की अदालत ने पुलिस को 3 दिन का रिमांड मंजूर किया।
- पुलिस के अनुसार, 2023 में दर्ज एफआईआर में आगे की जांच के दौरान आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस का कहना है कि हथियारों के स्रोत और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के लिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है।
- वहीं, गुरिंदर पाल सिंह औजला के वकील एडवोकेट परमिंदर सिंह विर्क ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पहले आरोपी के खिलाफ केवल धारा 188 के तहत मामला दर्ज था, जिसमें उन्हें जमानत मिल चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इंग्लैंड जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- बचाव पक्ष ने दावा किया कि गिरफ्तारी के समय आर्म्स एक्ट का कोई मामला नहीं था और करीब तीन साल बाद राजनीतिक द्वेष के कारण यह मामला जोड़ा गया है। वकील ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोपों को निराधार बताया।
- अब तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ करेंगी। इस पूछताछ में क्या नए तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
Author: punjabtimesnow
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