पावरकॉम दफ्तर के बाहर गेट रैली; 24 जून को बिजली मंत्री के आवास के घेराव की चेतावनी, कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दे उठाए
✍🏻 सत्यम सफरी, रिपोर्टर, पीटीएन
जालंधर। पीटीएन न्यूज
- 📰:-जालंधर स्थित पावरकॉम कार्यालय के बाहर सोमवार को टेक्निकल सर्विसेज यूनियन, पीएसईबी एम्प्लाइज फेडरेशन और भारतीय मजदूर संघ (BMS) से जुड़े कर्मचारियों ने गेट रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बकाया महंगाई भत्ता (DA), वेतन विसंगतियों, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया।
- कर्मचारियों ने बिजली मंत्री के नाम एक मांग पत्र चीफ इंजीनियर, जोन जालंधर को सौंपा। मांग पत्र में पहले से स्वीकृत मांगों को लागू करने, कर्मचारियों से की जा रही रिकवरी और वेतन कटौती रोकने, तबादलों पर रोक लगाने, बकाया DA जारी करने, न्यूनतम वेतन 12,600 रुपये ग्रेड पे लागू करने और प्रोबेशन अवधि के दौरान पूरा वेतन देने की मांग की गई।
- यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जून को बिजली मंत्री के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न निदेशकों के कार्यालयों का घेराव भी किया जा सकता है।
*मैनेजमेंट पर वादे पूरे न करने का आरोप*
- सीनियर मीत प्रधान दलबीर सिंह जौहल ने कहा कि यूनियन द्वारा पहले भी अपनी मांगों को लेकर मैनेजमेंट को ज्ञापन दिया गया था और टेबल टॉक के दौरान कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। उनका आरोप है कि बाद में जारी किए गए मिनट्स सहमति के अनुरूप नहीं थे।
- उन्होंने कहा कि कर्मचारी छठे वेतन आयोग के अनुसार लाभ देने की मांग कर रहे हैं, जबकि उन पर सातवां वेतन स्केल लागू किया जा रहा है। इसके अलावा वेतन संशोधन से जुड़े मुद्दे भी अब तक लंबित हैं।
*18 प्रतिशत DA बकाया होने का दावा*
- यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों का कुल 60 प्रतिशत DA बनता है, जबकि उन्हें 42 प्रतिशत ही दिया जा रहा है। उनका दावा है कि करीब 18 प्रतिशत DA अभी भी बकाया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से महंगाई भत्ते की नई किस्त जारी नहीं की गई।
*पेंशन ट्रस्ट और अन्य मुद्दे भी उठाए*
- पंजाब राज बिजली मजदूर संघ (BMS) के नेता विजय कुमार ने कहा कि बिजली बोर्ड के विभाजन के समय हुए त्रिपक्षीय समझौते के तहत पेंशन ट्रस्ट बनाने का वादा किया गया था, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों और उनके परिवारों में चिंता बनी हुई है।
*सरकार पर लगाए कई आरोप*
- प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं ने सरकार की नीतियों, कथित अवैध भर्तियों, पेंशन, DA और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर भी आरोप लगाए। वहीं धार्मिक बेअदबी से जुड़े मुद्दों पर भी कुछ नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Author: punjabtimesnow
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