भगवान परशुराम जयंती राज्य स्तरीय समारोह में धार्मिक सद्भाव, सांस्कृतिक विरासत और तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार का किया ऐलान
✍🏻 सत्यम, रिपोर्टर, पीटीएन
जालंधर। पीटीएन न्यूज
- 📰:-जालंधर के साईं दास स्कूल मैदान में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह और आध्यात्मिक कार्यक्रम ‘एक शाम शिव के नाम’ में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान विशेष रूप से शामिल हुए।
- भक्ति और आध्यात्मिक माहौल से सराबोर इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भगवान शिव और भगवान परशुराम को समर्पित भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यभर से पहुंचे संत-महापुरुषों और महामंडलेश्वरों की मौजूदगी ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
*भगवान परशुराम की शिक्षाएं मानवता के लिए प्रेरणा: केजरीवाल*
- सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र के अद्भुत समन्वय के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की शिक्षाएं अन्याय, असमानता और भेदभाव के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती हैं और उनका संदेश किसी एक समुदाय नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए है।
- केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार गुरु साहिबानों, संत-महापुरुषों, पीर-पैगंबरों और धर्म गुरुओं द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए पंजाब में शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल उपलब्ध करवाकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
*धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का प्रयास*
- केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 में पहली बार राज्य स्तर पर भगवान परशुराम जयंती मनाई थी। इसके अलावा अप्रैल 2026 में पठानकोट में पहली बार राज्य स्तरीय हिंदू नववर्ष समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम के विकास कार्यों को भी 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर पूरा किया गया है।
*पंजाब की धरती पर नफरत के बीज नहीं उग सकते: भगवंत मान*
- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब की उपजाऊ धरती पर हर प्रकार की फसल उग सकती है, लेकिन नफरत के बीज यहां कभी नहीं उग सकते।
- उन्होंने कहा कि पंजाब के महान गुरुओं ने शांति, सद्भावना और भाईचारे का संदेश दिया है, जिसकी वजह से पंजाब में सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर हर त्योहार मनाते हैं।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव दया, करुणा और सकारात्मकता के प्रतीक हैं तथा ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
*मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का दायरा बढ़ा*
- कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का विस्तार किया जा रहा है।
- उन्होंने बताया कि अब श्रद्धालुओं को हरिद्वार, श्री खाटू श्याम जी महाराज, सालासर बालाजी धाम सहित कई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की भी मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी।
- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना सभी धर्मों, जातियों और आय वर्ग के लोगों के लिए समान रूप से उपलब्ध होगी और लाभार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।
*धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाले वाहनों को कर से छूट*
- भगवंत मान ने घोषणा की कि सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों के स्वरूप ले जाने वाले विशेष वाहनों को मोटर वाहन कर से छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 25 हजार ऐसे वाहन उपयोग में हैं और इस फैसले से धार्मिक संस्थाओं को सालाना 20 से 25 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।
*रंगला पंजाब के निर्माण का आह्वान*
- मुख्यमंत्री ने लोगों से जाति, रंग, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर पंजाब की सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर सामाजिक बुराइयों, नशे और विभाजनकारी सोच के खिलाफ लड़ते हुए ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
- कार्यक्रम में पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मोहिंदर भगत, सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
Author: punjabtimesnow
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