केंद्र का दावा- पिछले साल से ज्यादा गेहूं उठाया गया, पंजाब को 234 स्पेशल ट्रेनें दीं; उत्पादन 3 लाख एमटी कम रहा
📍 जालंधर। पंजाब
✍🏻 सत्यम, रिपोर्टर, पीटीएन
- 📰:-पंजाब की मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर चल रहे विवाद पर अब केंद्र सरकार ने बड़ा जवाब दिया है। केंद्र ने कहा है कि मंडियों में गेहूं का उठाव न होने और भारी भीड़ जैसी खबरें गलत हैं। सरकार के मुताबिक इस बार गेहूं की आवक पिछले साल से कम रही है, जबकि उठाव ज्यादा हुआ है।
- केंद्र सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 6 मई तक पंजाब की मंडियों में करीब 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 125 लाख मीट्रिक टन था। यानी इस बार करीब 3 लाख मीट्रिक टन कम गेहूं आया है।
- इसके बावजूद गेहूं की लिफ्टिंग पिछले साल से तेज हुई है। सरकार के मुताबिक इस बार अब तक 78.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों से उठाया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 75.63 लाख मीट्रिक टन उठाव हुआ था। केंद्र का कहना है कि कम आवक और ज्यादा उठाव यह साबित करता है कि मंडियों में हालात सामान्य हैं।
- मंडियों में जगह की कमी न हो, इसके लिए इस बार डायरेक्ट डिलीवरी योजना भी लागू की गई। अप्रैल महीने में इस योजना के तहत 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं सीधे भेजा गया। मई में 6.6 लाख मीट्रिक टन और जून में 8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी की तैयारी है।
- केंद्र सरकार ने बताया कि पंजाब सरकार के अनुरोध पर पूरे सीजन में 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं डायरेक्ट डिलीवरी के जरिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मंडियों में दबाव कम रहे।
- रेल मंत्रालय और FCI की तरफ से गेहूं निकासी के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। अप्रैल में देशभर में चली 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 ट्रेनें अकेले पंजाब को दी गईं। वहीं मई में अब तक उपलब्ध 354 ट्रेनों में से 201 ट्रेनें पंजाब के हिस्से में आई हैं।
- इसके अलावा उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों तक गेहूं पहुंचाने के लिए मई महीने में 100 अतिरिक्त ट्रेनें भी पंजाब को आवंटित की गई हैं। केंद्र ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और गेहूं की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जा रही है।

Author: punjabtimesnow
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