सप्तम नवरात्र
-कालरात्रि माता तू रूप धरनी, तू ही है शुभ करनी
-तू ही पाप हरनी है और तू ही घट भरनी
-भक्तों के लिए तू फलदात्री है मां, दुष्टों के लिए तू कालरात्रि है मां
-शुभ फलदायिनी तू ही तो है कल्याणी मां
-शुभमकारी मां कल्याणकारी प्रलयंकारी मां
-तू परिश्रमी, तू निर्भीक शक्ति उदित है मां
-जग सारे का भाग्य तुझसे ही फलित है मां
-तू काल की विजेता, तू सृष्टि की माता
-तू सर्वगुण की दाती तू सर्व ज्ञान दाता


Author: punjabtimesnow
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