द्वितीय नवरात्र…
-मां ब्रह्मचारिणी-
मां ब्रह्मचारिणी, भयहरणी मां
तपस्विनी मां, नवधरणी मां
पति रूप शिव को मां धारण कियो
हार शिंगार, सिंदूर टीका धारियो
जप माला और हाथ में कमंडल लियो
नभ धरा पर नया जीवन दियो
मेरे घर मा प्रविष्टो, मां पा तयवन कियो
फल फूल खायो, स्वर्गामृत पियो नमो कष्ट हरिणी, नमो घट को भरनी
नमो शिव को प्यारी, नमो जग से न्यारी…

Author: Satyamm safri
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