चतुर्थ नवरात्रि मां कूष्मांडा स्मरण
-तू आदिशक्ति जुगादि भी तू है -प्रकाश भी तू भव्यादि भी तू है -अष्टभुजा धारी मुख मंडल ओजस्वी
-तपस्विनी यशस्वी तू ही तेजस्वी
-सूर्य तेरे पथ में चंद्र तेरे रथ में
-इतिश्री में तू है तू ही है अथ में -धनुष बाण, चक्रधारी, अमृत कलश तू
-वैभव, सुकृति और सुयश भी तू
-चेहरे पे हर पल मां बिखरी मुस्कान
-पूजा का मां अपनी करो महादान

Author: punjabtimesnow
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