गीतों की धुन पर थिरके कर्मचारी और श्रोता, लाइव कार्यक्रम में एंकरों ने सुनाए गीत
जालंधर। पंजाब
✍🏻 सत्यम, रिपोर्टर, पीटीएन
- 📰:-जालंधर में आकाशवाणी की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रेडियो केंद्र की ओर से विशेष वॉकथॉन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों श्रोताओं, स्टाफ सदस्यों, एंकरों और प्रस्तुतकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल संगीत, पुराने रेडियो अनुभवों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत बना रहा।
- वॉकथॉन को आकाशवाणी पंजाब के क्लस्टर हेड एवं उप महानिदेशक (डीडीजी) रणजीत मीणा और दूरदर्शन जालंधर के डीडीजी आरके जारंगल ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान समाचार और कार्यक्रम विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
- कार्यक्रम की खास बात यह रही कि वॉकथॉन को आकाशवाणी एफएम स्टूडियो से लाइव जोड़ा गया। श्रोताओं, पूर्व कर्मचारियों और अन्य लोगों ने ऑन एयर अपने अनुभव साझा किए। वहीं स्टूडियो में एंकरों और प्रस्तुतकर्ताओं ने चुनिंदा गीत पेश किए। जैसे ही युवा एंकर गीतों की धुन पर थिरके, पूरा माहौल उत्साह से भर गया।
- आकाशवाणी ने “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” की अपनी परंपरा को याद करते हुए बताया कि राष्ट्रीय प्रसारक पिछले नौ दशकों से सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के माध्यम से देश की सेवा कर रहा है। वर्तमान में आकाशवाणी के 591 केंद्र देश की लगभग 98 प्रतिशत आबादी तक पहुंच बना रहे हैं।
- गौरतलब है कि 8 जून 1936 को इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) रखा गया था। स्वतंत्रता के बाद एआईआर का तेजी से विस्तार हुआ और वर्ष 1956 में इसे “आकाशवाणी” नाम मिला। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक प्रसारण सेवा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का अहम हिस्सा है, जिसकी आवाज आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी।

Author: punjabtimesnow
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