नवरात्र की पूजा
-रिधि सिद्धियों की दाता, तू सिद्धि दाती माता
-तू कण-कण में विराजत, तू सबको है भाती माता
-अनिमा,महिमा, गरिमा सब तुझसे है आते
-सात ऋद्धियां, आठ सिद्धियां सब तुझ में समाते
-कमल पर विराजत हो मां, रथ अष्ठ अश्चधारे
-ईश, विश्व हैं तुझसे, तुझ में है जुग सारे
-तू पूर्णता की देवी, मेरे करो काज पूरे
-धूप, दीप, नैवेद्य, है सभी साज पूरे
-करो बंधन से मुक्ति मां, दियो कोई भी युक्ति
-बस, तुझी को मैं पाऊं, करों मैं तेरी भक्तिमय मां


Author: punjabtimesnow
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