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विरासती चंगेर: पंजाब की ✍🏻

पंजाब गुरुओं की महान विरासत को सहेजने वाली धरती है। 

पंजाब देश की खड्ग भुजा है।

पंजाब वीरों की धरती है….

वीर रस की काव्य धरा है पंजाब। पंजाब की वीर रस कविता की एक धारा है बैत। बैत बड़ी कठिन विधा होती है। 

 

पंजाब में बैत काव्य धारा के एक संरक्षक हुए हैं स. संतोख सिंह सफरी। 

सफरी साहिब उस्ताद कवि थे। उन्हें बैतों का बादशाह कहा जाता था। लबालब भरी हुई है बैंतों से उनकी विरासत चंगेर।

यह चंगेर पीटीएन के हाथ लग गई है। इसमें से हर रोज़ एक बैत हम अपने दर्शकों को अपने संरक्षकों और अपने चाहने वालों के लिए पंजाब टाइम्स नाउ के पेज पर पोस्ट किया करेंगे। 

अच्छा लगे तो फॉलो करें। कोई राय देना चाहें तो उसका भी स्वागत होगा।

 

श्रीगणेश हम धार्मिक वंदना से करेंगे यथा :

प्रथम: गुरु को वंदना 

द्वितीय आदि गणेश

मैं त्रुटि दर तों तेरे

पूरण करो महेश।

ਸੰਸਾਰ ਵਿੱਚ ਤੂੰ

ਕਿਹੜੀ ਥਾਂ ਏ ਜਿੱਥੇ ਤੂੰ ਵੱਸਦਾ ਨਹੀਂ, ਕੋਹੇਸਾਰ ਵਿਚ ਤੂੰ, ਜੰਗਲ ਬਾਰ ਵਿੱਚ ਤੂੰ।

ਹਰ ਫੁੱਲ ਵਿਚ ਤੂੰ, ਹਰ ਖਾਰ ਵਿਚ ਤੂੰ, ਸੁੱਕੀ ਖਿਜ਼ਾ ਵਿੱਚ ਤੂੰ, ਰੁੱਤ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਤੂੰ।

ਤੂੰ ਹੈਂ, ਹਰ ਇਕ ਤਾਰੇ ਦੀ ਤਾਰ ਅੰਦਰ, ਵਰਤੀ ਚੁਪ ਵਿੱਚ ਤੂੰ, ਗੁਫ਼ਤਾਰ ਵਿੱਚ ਤੂੰ।

ਮਹਿਕ ਫੁੱਲਾਂ ਵਿਚ ਵੱਸਦੀ ਜਿਵੇਂ ਸਫ਼ਰੀ, ਤਿਵੇਂ ਵੱਸਦਾ ਸਾਰੇ ਸੰਸਾਰ ਵਿਚ ਤੂੰ।

 

punjabtimesnow
Author: punjabtimesnow

“पंजाब की हर धड़कन की खबर, सबसे पहले और सबसे सच।”📰🔥

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