100 मीटर में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले भोगपुर के धावक ने साझा किया संघर्ष का सफर, कहा– कोच और परिवार के सहयोग से मिली सफलता
🖊️शिवम, रिपोर्टर, पीटीएन
जालंधर। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर देश और पंजाब का नाम रोशन करने वाले भोगपुर निवासी 25 वर्षीय एथलीट गुरिंदर वीर सिंह जालंधर पहुंचे। उन्होंने पंजाब प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत के दौरान अपने खेल करियर, संघर्ष, राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मिले अनुभवों को साझा किया। गुरिंदर वीर ने कहा कि कांस्य पदक उनके लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनका लक्ष्य इससे आगे बढ़कर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
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गुरिंदर वीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का समय दर्ज कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर अपनी पहचान बनाई। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी तेज रफ्तार और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई। 100 मीटर जैसी प्रतिस्पर्धी स्पर्धा में रिकॉर्ड कायम करना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
कॉमनवेल्थ में मामूली अंतर से चूके
वर्ष 2026 में गुरिंदर वीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 100 मीटर दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया, लेकिन मामूली अंतर के कारण सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए। इस प्रतियोगिता के अनुभव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा को और करीब से समझने का मौका दिया।
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एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन, रिले में जीता कांस्य
इसके बाद सितंबर में हुए एशियन गेम्स में उन्होंने 100 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक जगह बनाई। हालांकि कुछ सेकंड के अंतर से वह फाइनल में प्रवेश नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर रिले टीम में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
गुरिंदर वीर ने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धा में फाइनल से चूकना निराशाजनक था, लेकिन रिले में देश के लिए पदक जीतना उनके लिए गर्व का क्षण रहा। उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर भरोसा रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
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संघर्ष ने सिखाया आगे बढ़ना
गुरिंदर वीर ने अपने सफर में आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ी का जीवन आसान नहीं होता। लगातार अभ्यास, फिटनेस पर ध्यान और प्रतियोगिताओं का दबाव उनके सफर का हिस्सा रहा है। कई बार अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार को देते हुए कहा कि मुश्किल समय में उन्हें लगातार प्रोत्साहन मिला। परिवार के सहयोग और कोच के मार्गदर्शन ने उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद की।
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अब लक्ष्य ओलंपिक स्तर पर देश के लिए गोल्ड
गुरिंदर वीर ने कहा कि एशियन गेम्स का कांस्य पदक उनके सफर का अंत नहीं है। वह आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भारत के लिए बड़े मंच पर गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि वह अपनी स्पीड, तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम कर रहे हैं और आने वाले समय में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की कोशिश करेंगे।
कंटेंट डिटेल
नाम: गुरिंदर वीर सिंह
उम्र: 25 वर्ष
निवासी: भोगपुर
खेल: एथलेटिक्स
स्पर्धा: 100 मीटर, 100 मीटर रिले
राष्ट्रीय रिकॉर्ड: 100 मीटर में 10.09 सेकंड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 100 मीटर में हिस्सा लिया, मामूली अंतर से सेमीफाइनल से चूके
एशियन गेम्स 2026: 100 मीटर में सेमीफाइनल तक पहुंचे
पदक: 100 मीटर रिले में भारत के लिए कांस्य
सफलता का श्रेय: कोच और परिवार का सहयोग
आगे का लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना
राष्ट्रीय रिकॉर्ड से एशियन गेम्स के कांस्य तक का सफर और अब गोल्ड की तैयारी
Author: Satyamm safri
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